शहरों की भांति गांव-गांव में घर-घर कचरा एकत्रीकरण प्रारंभ

 दुर्ग

भारत सरकार की महत्वकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत ग्राम पंचायतों को खुले में शौचमुक्त के पश्चात् ओ.डी.एफ. प्लस की अवधारणा के क्रियान्वयन हेतु प्रत्येक गांव में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के सभी आयामों पर कार्य करते हुए स्वच्छ एवं सुन्दर बनाए जाने की कार्यवाही की जा रही है। ग्राम पंचायतों में जहाँ एक तरफ गंदे पानी के सुरक्षित निपटान हेतु ग्रे एवं ब्लैक वॉटर मैनेजमेंट का कार्य किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु जैविक-अजैविक कचरे के सुरक्षित निपटान हेतु विभिन्न संरचनाओं का निर्माण किया गया है। ग्राम को स्वच्छ रखने हेतु ग्रामीणों को जागरूक करने के लिये जागरूकता अभियान चलाकर गीले एवं सूखे कचरे का पृथक-पृथक निपटान करने की जानकारी दी जा रही है। जिसमें जैविक कचरे को नॉडेप एवं वर्मी कम्पोस्ट के माध्यम से खाद बनाया जा रहा है। साथ ही अजैविक कचरे के सुरक्षित निपटान हेतु महिला समूह के माध्यम से प्रत्येक गांव में घर-घर कचरा एकत्र कर सेग्रीगेशन वर्कशेड में पृथ्थक्कीकरण का कार्य किया जाता है। जिसमें प्लास्टिक, रबर, कांच एवं धातू के अपशिष्ट को पृथक कर पुनः चक्रण हेतु कबाड़ी को बेचकर आय अर्जित की जा रही है। स्वच्छाग्राहियों को मानदेय प्रदान करने हेतु 35 ग्राम पंचायतों द्वारा स्वच्छता कर भी लिया जा रहा है। स्वच्छाग्राहियों के माध्यम से गांव में स्वच्छता बनाए रखने हेतु निरंतर जागरूकता कार्य किया जा रहा है।

शहरों की भाति गांव-गांव में घर-घर कचरा एकत्रीकरण का कार्य स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत किया जा रहा है। इसकी शुरूआत वर्ष 2019-20 से ग्रामों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था स्थापित करने के लिये की गई। वर्तमान में जिले के समस्त 381 ग्रामों में घर-घर कचरा एकत्रीकरण करने हेतु सेग्रीगेशन वर्कशेड निर्माण करने की स्वीकृति दी जा चुकी है। 315 गांव में सेग्रीगेशन एवं शेड का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। 66 ग्रामों में माह दिसम्बर, 2023 के भीतर कार्य पूर्ण कर लिया जायेगा। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के मद से प्रत्येक गांव में न्यूनतम 02 गारबेज ट्रायसायकल की सुविधा ग्राम पंचायत द्वारा स्वच्छाग्राहियों को प्रदान की गई है। 205 ग्राम पंचायतों में घर-घर कचरा एकत्रीकरण का कार्य स्वच्छाग्राही स्व-सहायता समूह के माध्यम से प्रारंभ किया जा चुका है।

अश्वनी देवांगन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत दुर्ग द्वारा शेष ग्राम पंचायतों में माह दिसम्बर, 2023 में कचरा एकत्रीकरण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिये गये हैं। वर्ष 2019-20 में घर-घर कचरा एकत्रीकरण करने हेतु 01 वर्ष तक प्रोत्साहन राशि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) द्वारा प्रदान की गई थी। स्वच्छाग्राहियों को कार्य करने हेतु कार्य सामग्री एवं सुरक्षा सामग्री भी प्रदान की गई है। वर्तमान में कार्यालय राज्य स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से प्राप्त निर्देशानुसार 15वें वित्त आयोग के टाईड ग्रांट से प्रोत्साहन राशि दिये जाने हेतु वित्तीय वर्ष 2023-24 के जी.पी.डी.पी. प्लान में लिया गया। इसी क्रम में वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी 15वें वित्त आयोग से स्वच्छाग्राही स्व-सहायता समूह को मानदेय प्रदान किये जाने हेतु प्रत्येक ग्राम पंचायत के जी.पी.डी.पी. प्लान में सम्मिलित किया गया है।

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