पुलिस स्मृति दिवस परेड में हुए शामिल राज्यपाल

रायपुर

छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों ने विपरित परिस्थितियों में भी निडर होकर हर चुनौती का सामना किया है, भले ही इसके लिए उन्हें अपने प्राणों कीे आहुति क्यों न देनी पड़ी। समाज में कानून व्यवस्था एवं शांति बनाये रखने के लिए पुलिस कर्मी सदैव अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। यहां तक की जब हम लोग अपने घरों में त्यौहार और उत्सव की खुशी मनाते है तब भी ये जवान अपने परिवार से दूर रहते हुएं समर्पण के साथ अपने कर्त्तव्यों का पालन करते हैं। यह उद्गार राज्यपाल श्री विश्वभूषण हरिचंदन ने आज चौथी वाहिनी, छसबल माना रायपुर के प्रांगण में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित परेड़ कार्यक्रम में व्यक्त किया।


राज्यपाल ने सभी प्रदेशवासियों की ओर से पुलिस के शहीद वीर जवानों को नमन करते हुए शहीद स्मारक में पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। राज्यपाल ने शहीद पुलिस अधिकारियों एवं जवानों के परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की और उनके साथ सदैव खड़े रहने का विश्वास दिलाया। उन्हें शाल, श्रीफल व स्मृति चिन्ह भेंट किया।


इस अवसर पर राज्यपाल श्री हरिचंदन ने अपने श्रद्धांजलि उद्बोधन में कहा कि पुलिस स्मृति दिवस हमें उन वीर जवानों की अनुकरणीय वीरता की याद दिलाता है जिन्होंने मातृ-भूमि की सेवा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। आज का दिन उन शहीदों को समर्पित है।  उनके साहस और वीरता की कहानियां हमारे युवाओं को सदैव प्रेरित करती रहेंगी। श्री हरिचंदन ने कहा कि राष्ट्र सदैव उन माता-पिता और उनके परिवारों का आभारी रहेगा जिन्होंने ऐसे वीर बेटे-बेटियों को जन्म दिया। हमें बहादुर पुलिस बलों के असाधारण त्याग और बलिदान को अपने दिलों में महत्व देना चाहिए और संजोना चाहिए।


श्री हरिचंदन ने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात हमारे जवान पूरी हिम्मत और देशभक्ति के साथ नक्सलियों का सामना कर रहे हैं। उन्हीं के कारण हम शांतिपूर्ण वातावरण में रहते हैं। छत्तीसगढ़ से वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा हरसंभव उपाय किये जा रहे है। नक्सल प्रभावित इलाकों के लोग भी राज्य के अन्य लोगों की तरह शांति और विकास चाहते है। उन्होंने शहीदों के परिवारजनों से कहा कि सरकारें हमेशा शहीदों के परिवार के सुख-दुख में शामिल होकर उनके अभिभावक के रूप में कार्य करेंगी।
पुलिस महानिदेशक श्री अशोक जुनेजा ने भी श्रद्धांजलि उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि अपराध एवं अपराधियों की रोकथाम के लिए पुलिस सदैव तत्पर है। वीर जवानों का बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जायेगा। इस अवसर पर गृह विभाग के प्रमुख सचिव मनोज पिंगुवा, छत्तीसगढ़ मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष गिरधारी नायक एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिसकर्मी व शहीद जवानों के परिजन उपस्थित थे।

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *