लघु वनोपज आधारित आजीविका वृद्धि संबंधी कार्यशाला सम्पन्न

रायपुर

छत्तीसगढ़ में वनवासियों को लघु वनोपज का उचित मूल्य प्रदान करने के लिए शासन द्वारा अथक प्रयास किया जा रहा है। लघु वनोपजों के संग्रहण से लेकर प्रसंस्करण और विपणन आदि व्यवस्था को लेकर अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। इसके फलस्वरूप छत्तीसगढ़ राज्य लगातार 3 वर्षाें से पूरे देश में लघुवनोपज खरीदी में प्रथम स्थान पर है।


इसी तरह राज्य में लघु वनोपज संग्रहण तथा प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा वन धन विकास केंद्र सुदृढ़ीकरण कार्यक्रम चलाया जा रहा। इसके तहत गत दिवस 27 सितम्बर को संघ मुख्यालय रायपुर में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें प्रबंध संचालक अनिल राय तथा अपर प्रबंध संचालक  बी. आनंद बाबू द्वारा लघु वनोपज संग्राहकों से चर्चा करते हुए संग्रहण के तकनीक तथा महत्व के बारे में अवगत कराया गया। उनके द्वारा यह भी बताया गया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य लघुवनोपज संग्रहण, प्रसंस्करण तथा विपणन को बढ़ाबा देना है।
कार्यशाला में संग्राहकों तथा किसानों जिसमें खासकर विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा भी सम्मलित थे। साथ ही महिला समूह के सदस्य, वन धन मित्र, समिति प्रबंधक, उप प्रबंध संचालक जिला यूनियन तथा वन वृत के प्रभारी अधिकारी उपस्थित थे। इस कार्यशाला में विभिन्न वन मंडलों से 120 से अधिक प्रतिभागी उपस्थित थे।

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