टाटा टेक्नोलॉजीस और तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के बीच एमओयू

रायपुर

समय के साथ औद्योगिक जगत वैश्विक परिदृश्य में टिकाऊ बने रहने के लिए आधुनिक स्वरूप में ढल रहा है। उद्योगों में नई-नई तकनीक का समावेशन हो रहा है। उद्योग की जरूरत के हिसाब से प्रशिक्षित कामगारों की मांग बढ़ रही है। युवाओं को सही मार्गदर्शन के साथ आधुनिक ट्रेडों में प्रशिक्षण मिल सके, इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री उमेश पटेल के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक स्वरूप में ढालना शुरू कर दिया है। राज्य सरकार बड़े औद्योगिक संस्थानों के साथ एमओयू कर रही है, ताकि छात्रों का अच्छी ट्रेनिंग मिल सके। इसके साथ ही हायर सेकेंडरी स्कूलों में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं जो व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहते हैं, उन छात्रों को 12वीं बोर्ड के प्रमाण पत्र के साथ-साथ आईटीआई का प्रमाण पत्र भी दिया जा रहा है।

स्कूली शिक्षा के साथ  दिया जा रहा है व्यावसायिक प्रशिक्षण

हाल ही में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपस्थिति में राज्य के 36 शासकीय आईटीआई के आधुनिकीकरण के लिए तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग और टाटा टेक्नोलॉजीस के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। लगभग 1188.36 करोड़ की परियेाजना के तहत राज्य के 36 आईटीआई में युवाओं को 6 नई ट्रेडों में तथा 23 शॉर्ट टर्म कोर्स में प्रशिक्षण दिया जाएगा। टाटा टेक्नोलॉजीस द्वारा राज्य के चयनित आईटीआई में अत्याधुनिक तकनीकी वर्कशॉप की स्थापना, प्रशिक्षकों की व्यवस्था आदि की जाएगी। इसके अलावा राज्य के युवाओं को प्लेसमेंट देने में टाटा और उनकी सहयोगी कंपनी सहयोग करेगी। इस परियोजना से प्रति वर्ष 10 हजार से अधिक युवाओं को नये जमाने के अनुरूप तकनीकी प्रशिक्षण मिलेगा।


चयनित आई.टी.आई. में युवाओं को आर्टीजन यूजिंग एडवांस टूल, इंडस्ट्रीय रोबोटिक्स एण्ड डिजिटल मैन्यूफैचरिंग टेक्नियशियन, मैन्यूफैचरिंग प्रोसस कण्ट्रोल एण्ड ऑटोमेशन ट्रेड में एक वर्षीय प्रशिक्षण तथा एडवांस सी.एन.सी. मशीनिंग, बेसिक डिजायनर एण्ड वर्चुअल वेरिफायर (मेकेनिकल) मेकेनिकल, इलेक्ट्रिक व्हीकल ट्रेड में दो वर्षीय प्रशिक्षण मिलेगा। इसके अलावा उद्योगों की जरूरत के अनुसार 23 शॉटटर्म कोर्स में भी प्रशिक्षण की सुविधा होगी। चयनित आईटीआई में टाटा टेक्नालॉजीस अत्याधुनिक तकनीकी वर्कशॉप की स्थापना करेगी और प्रशिक्षण कार्य के लिए प्रत्येक आई.टी.आई. में शुरूआत में दो प्रशिक्षकों की नियुक्ति करेगी। प्रशिक्षित युवाओं को प्लेसमेंट देने टाटा और उनकी सहयोगी कंपनियां अपना सहयोग देगी।
टाटा टेक्नोलॉजीस लिमिटड के सहयोग से जिन आईटीआई का उन्नयन किया जाएगा उनमें शासकीय आई.टी.आई.-बैकुण्ठपुर, ओड़गी वाड्रफनगर, मैनपाट, बगीचा, लोरमी, कोनी- बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर, अकलतरा, हसौद, रायगढ़, खरसिया, राजनांदगांव, डोंगरगांव, मानपुर, छुईखदान, पण्डरिया, गुण्डरदेही, दल्लीराजहरा, गुरूर, दुर्ग, पाटन, धरसींवा, हीरापुर, आरंग, अभनपुर, भाटापारा, सिमगा, बागबाहरा, पिथौरा, कांकेर, अंतागढ़, चारामा, नगरनार एवं दंतेवाड़ा शामिल हैं।

राज्य में पहली बार स्कूलों में अध्य्यनरत छात्रों को स्कूली स्तर पर उनके तकनीकी रूझान के अनुरूप स्कूली शिक्षा के साथ-साथ रोजगारोन्मुखी व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। स्कूलों एवं आईटीआई के मध्य समन्वय स्थापित कर एकीकृत प्रणाली विकसित की गई है। इस प्रणाली के तहत प्रदेश के अधिकांश आईटीआई में स्कूली छात्रों को व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इस प्रणाली के अंतर्गत जहॉ स्कूली छात्र अपनी पढ़ाई पूरी कर उसका प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेंगें, वहीं इसके साथ साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण पूर्ण कर आईटीआई का प्रमाण पत्र भी प्राप्त करेंगे और रोजगार प्राप्त करने के लिए तैयार हो सकेंगे।

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