सीएम की दुर्ग में युवाओं से भेंट-मुलाकात कार्यक्रम

दुर्ग

युवाओं के साथ भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राजनांदगांव, कवर्धा, बालोद, बेमेतरा, खैरागढ़, मानपुर-मोहला-अंबागढ़-चौकी और दुर्ग जिले से आए युवाओं से जयंती स्टेडियम, भिलाई में सीधी बातचीत की।दिग्विजय कॉलेज की छात्रा ईश्वरी ने बताया कि इन 5 सालों में मैंने जाना कि हम सब ज्यादा सुरक्षित हुई हैं। ज्यादा तरक्की कर रहे हैं। हम लोग उद्यमिता के क्षेत्र में बढ़ रहे हैं।

 

बालोद से टेकराम पटेल ने कहा कि मेरी माटी इस दुनिया को सुवासित करती है। आल्हादित करती है। महानदी की धाराओं की तरह हमारा विकास हो रहा है।स्वास्थ्य की बात करें तो धनवंतरी मेडिकल स्टोर खुले हैं। हमारे प्रदेश में इलाज बेहतर हुआ है। बस एक काम और करना है। हर जिले में ऐसे हॉस्पिटल हों कि महानगरों में रिफर ही न करना पड़े।पूरे भारत में आज प्रदेश का नाम है। राम वन पथ गमन पर हुआ काम दुनिया जानती है। गेड़ी और भौंरा गांव से निकल कर राजधानी पहुंच गया है। इसी से सपनों का छत्तीसगढ़ तैयार हो रहा है। नरवा से सिंचाई मिली। घुरूवा के दिन बहुर गए हैं। पुरखों के सपनों को पूरा करने मुख्यमंत्री बढ़ चुके हैं। राम राज्य के सपने को साकार करने अंगद जैसे युवा चाहिए।आप लोग अपने कका की मदद कीजिये। हमारे कका इतना मया दुलार करते हैं कि इसकी कोई सीमा नहीं है। इसलिए कका आपके मया में दीवाना हे छत्तीसगढ़।

बेमेतरा जिले के मनीष वर्मा ने आल्हा शैली की तर्ज में योजनाओं को गाकर सुनाया… मैं मां भद्रकाली की भूमि बेमेतरा से हूँ। आज मैं अपने छत्तीसगढ़ के विकास को आल्हा छंद से सुनाता हूँ। फिर बहुत सुंदर छंद से इसे सुनाया।लेथे सबके धान ल भैया, देथे बढ़िया दाम। नरवा गरवा घुरूवा के भारी शोर। मिल गे हमला भांचा राम। कका राज म खुश हे भारी, नोनी बाबू सब सियान। उनकी शानदार कविता लोगों को मंत्रमुग्ध कर गई।

शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव के विद्यार्थी मुकेश कुमार साहू ने गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ विषय पर केंद्रित कविता पढ़ी। मुकेश ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलायी जा रही जनहितैषी योजनाओं का समावेश अपनी कविता में करते हुए प्रस्तुति दी।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपने संबोधन में कहा कि कका अभी जिंदा है कहकर अपनी बात की आरम्भ। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल 4 मई से हमने भेंट मुलाकात कार्यक्रम आरम्भ किया। सबसे भेंट की। समाज प्रमुखों से मिले। उस समय मन में आया कि युवाओं के साथ पृथक से संवाद हुआ।

मुख्यमंत्री ने पूछा कि किन युवाओं ने रायपुर और बिलासपुर का प्रोग्राम यूट्यूब से देखा।युवाओं ने आवाज लगाई हमने। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ युवाओं ने अपनी आकांक्षा बताई। उनका जो सपना है। वही हमारे पुरखों का भी सपना था। सरकार का भी यही सपना है। पौने 2 लाख करोड़ रुपये पैसा डालने का काम हमारी सरकार ने किया। इससे मंदी नहीं आई। यूनिवर्सिटी खोले, 4 मेडिकल कॉलेज खोले।

जहां -जहां भेंट मुलाकात के लिए गए, दो मांग आती है स्वामी आत्मानंद स्कूल खोल दें और बैंक खोल दें। इतने साल हो गए इंग्लिश माध्यम के कॉलेज नहीं थे। हमने 10 कॉलेज खोले। आगे भी खोलेंगे। अब छत्तीसगढ़ की पहचान हमारी विशिष्ट संस्कृति से है। चाहे आदिवासी परम्परा हो, राम वन पथ गमन हो, कबीर सरोवर हो या बाबा घासीदास के पुण्यस्थलों से जुड़े स्थलों का विकास। 1 मई को जब हम बोरे बासी खाये तो सभी ने खाया।अब शिक्षा और संस्कृति से सम्पन्न भविष्य नई पीढ़ी का होगा।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि पिछले साल 4 मई से हमने भेंट-मुलाकात कार्यक्रम की शुरुआत की। शहर और गांव क्षेत्र में सभी वर्गों के लोगों से मुलाकात की। उस समय से ही मन में था कि युवाओं के साथ भेंट-मुलाकात करना है।

इस क्रम में पहले रायपुर फिर बिलासपुर में भेंट-मुलाकात किए और आज दुर्ग संभाग में भेंट-मुलाकत कर रहे हैं। अभी कुछ युवाओं ने मंच में आकर विभिन्न प्रस्तुतियां दी।

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