कोरबा में स्व. बिसाहू दास महंत की 45 वीं पुण्यतिथि पर उन्हें किया गया याद

कोरबा

पूर्व मंत्री और छत्तीसगढ़ के जननेता स्व. बिसाहू दास महंत जी को उनकी 45 वीं पुण्यतिथि पर याद किया गया। कोरबा के ओपन थियेटर घंटाघर के पास स्थित बिसाहू दास महंत स्मृति उद्यान में जिला कांग्रेस कमेटी कोरबा की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया।


स्मृति उद्यान में स्थापित स्व. बिसाहू दास महंत जी की आदमकद प्रतिमा पर छ.ग. विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत, सांसद ज्योत्सना महंत, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री जयसिंह अग्रवाल, जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के पूर्व अध्यक्ष उषा तिवारी सहित कांग्रेसजनों ने श्रद्धासुमन अर्पित किये। पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. महंत ने कहा कि भौतिक रूप से हमारे बीच आज भले ही बाबूजी नही है किन्तु अप्रत्यक्ष रूप से सदैव उनका आशिर्वाद हम पर बना रहता है। उनका पूरा जीवन सादगी और त्याग से परिपूर्ण रहा। उनसे प्रेरणा लेकर हम कठिन लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। डॉ. महंत ने कहा कि बाबूजी ने राजनीति को सेवा कार्य मानते हुए आमजनों के बीच विशिष्ट पहचान बनाई। उनकी कल्पना के कारण बहुत पहले छत्तीसगढ़ राज्य का जो बीजारोपण हुआ था, वह अब हमारे सामने अलग प्रदेश के तौर पर मौजूद है।


राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने बिसाहूदास महंत जी को जनप्रिय नेता निरूपित करते हुए उनकी कार्यशैली पर रौशनी डाली। उन्होने बताया कि स्व. महंत ने चार बार मध्यप्रदेश में कैबिनेट मंत्री एवं मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में अपनी भूमिका निभाई। उनके कार्य निर्वहन की क्षमता अब भी हमारे लिये प्रेरणा स्रोत है।
सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत ने कहा कि बिसाहूदास महंत जी ने सादा जीवन उच्च विचार की अवधारणा को जीवंत करते हुए एक बेहतर मिसाल कायम की। हजारों लोग उनसे सिर्फ इसी वजह से प्रेरित हुए। उनके द्वारा मंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष के बतौर किये गये कार्याें से हमें बहुत कुछ सीख लेने की आवश्यकता है।
महापौर राजकिशोर प्रसाद ने कहा कि भारत गांवों का देश है और गांवों में ही भारत की आत्मा निवास करती है। बिसाहू दास जी ने राजनीतिक कैरियर में ग्रामीण क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ उच्च मूल्यों के आधार पर राजनीति करते हुए अलग पहचान बनाई।
पूर्व अध्यक्ष उषा तिवारी ने कहा कि स्व. बिसाहूदास महंत जी छत्तीसगढ़ के माटी के लाल बहादुर एवं जन सेवक थे। हाथ करघा से निर्मित कोसा वस्त्र उद्योग को अन्तर्राष्ट्रीय बाजार तक पहंुचाने का श्रेय भी बिसाहू दास महंत जी को जाता है।
इस अवसर पर कोरबा, रामपुर, पाली-तानाखार, कटघोरा, सक्ती, चाम्पा आदि स्थानों से भारी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी उपस्थित थे।

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