उद्योगों में स्थानीय युवाओं को मिले रोजगार : मंत्री लखमा

रायपुर

उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में उद्योगों की स्थापना के लिए सरकार द्वारा लिए गए निर्णय और फैसलों पर त्वरित कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा कृषि और वनोपज पर आधारित उद्योगों की स्थापना पर विशेष बल दिया गया है ताकि स्थानीय लोगों को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। लखमा आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।

उद्योगों की स्थापना के लिए दी जा रही सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश

उद्योग मंत्री लखमा ने कहा कि रोजगारोन्मुखी योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, पीएम  फॉर्मलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइजेज योजना की समीक्षा में अधिकारियों को इन योजनाओं के लक्ष्य को निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए। लखमा ने श्रम और उद्योग विभागों के अधिकारियों को राज्य में स्थापित होने वाले सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्योगों में अधिक से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार दिलाने की पहल करने और इस संबंध में जरूरी जानकारी एकत्र करने के भी निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में  लखमा ने कहा कि उद्यमियों को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा उद्योगों की स्थापना के लिए दी जा रही विभिन्न छूट, अनुदान और सहूलियतें समय पर दिलाएं। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में लीज होल्ड से फ्री होल्ड कराने के संबंध में उद्यमियों को जानकारी दी जाए तथा उनके शंका-समाधान के लिए कार्यशालाओं का भी आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा उद्यमियों को दी जा रही छूट, अनुदान एवं रियायतों का लाभ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत निर्धारित समयावधि में उपलब्ध कराई जाए।


श्री लखमा ने निवेश प्रोत्साहन बोर्ड द्वारा राज्य में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने सेक्टरवार समीक्षा में एथेनॉल एवं स्टील सेक्टर में एमओयू करने वाली इकाईयों को जल्द ही उत्पादन स्तर पर लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन विकासखंडों में फूड पार्क के लिए भूमि हस्तांतरित हुई नहीं हुई है, वहां आगामी 20 दिवस के भीतर जिला कलेक्टर से समन्वय स्थापित कर भूमि हस्तांतरण सुनिश्चित किया जाए। श्री लखमा ने कौशल विकास अभिकरण के माध्यम से वाष्पयंत्र अटेंडेंट की प्रशिक्षण की व्यवस्था करने और सीएसआईडीसी को अधिक से अधिक उत्पादों को ई-मानक सूची में दर्ज कराने के साथ ही औद्योगिक पार्कों में होने वाले निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का ध्यान रखने के निर्देश भी दिए गए।
समीक्षा बैठक में विशेष सचिव वाणिज्य एवं उद्योग हिमशिखर गुप्ता, विशेष सचिव वाणिज्य एवं उद्योग अनुराग पांडेय, प्रबंध संचालक सीएसआईडीसी सारांश मित्तर, रजिस्ट्रार, रजिस्ट्रार फर्म एवं संस्थाएं एस.एन. राठौर, अपर संचालक प्रवीण शुक्ला, कार्यपालक संचालक सीएसआईडीसी अनिल श्रीवास्तव सहित राज्य के समस्त जिलों के मुख्य महाप्रबंधक-महाप्रबंधक एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *